Hindi Kavita
हिंदी कविता
"याद करती हो?"
सुनो दिकु....
क्या आज भी तुम मुज़े याद करती हो?
गज़ब का मोड़ ले लिया, तुम ने और ज़िन्दगी ने तुम्हारी
पर आज भी, तुम्हें हरपल याद करने की आदत है हमारी
क्या प्रेम के प्यार पर, आज भी विश्वास करती हो?
सुनो दिकु, क्या आज भी तुम मुज़े याद करती हो?
*प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिए*
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