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फासलों का दर्द - प्रेम ठक्कर
Hindi Kavita हिंदी कविता "फासलों का दर्द" हाथों में तेरा हाथ, पर छू नहीं पाया, फासले जो हो गए, वो दूरी मिट…
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Hindi Kavita हिंदी कविता "कब तक रहेगा ये अंधेरा" सुनो दिकु...... कब तक रहेगा ये अंधेरा, कभी तो सवेरा आएगा, …
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Hindi Kavita हिंदी कविता "अफवा" कभी तेरे लौट आने की खबर आई थी, दिल ने उसे सच मानकर ख़ुशी मनाई थी। पर हर …
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Hindi Kavita हिंदी कविता "प्रभु गजानन से विनती" हे गजानन, आज आपसे विनती है मेरी, दिल के घावों को दे दो थोड़ी…
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