मुख्यपृष्ठ prem-thakker बस आ जाओ - प्रेम ठक्कर | Bus a jao - Prem Thakker बस आ जाओ - प्रेम ठक्कर | Bus a jao - Prem Thakker Hindi Kavita Hindi Kavitaहिंदी कविता"बस आ जाओ"सुनो दिकु....मुज़ से कोई खता हुई है, तो बता दो नारुख से अपने नकाबहटा दो नाअगर रूठे हो तो मना लूंगा तुम बस कह दोगर गलती हुई है कोईतो तुम मुजे सज़ा दो नामें हर हालात का सामना करने को तैयार हूँअपने प्रेम को एकबारउसका प्यार लौटा दो ना*प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिए* Tags kavitaprem-thakker Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने