मुख्यपृष्ठ gazal सुनने वाले फ़साना तेरा है - अख़्तर अंसारी सुनने वाले फ़साना तेरा है - अख़्तर अंसारी Hindi Kavita Hindi Kavitaहिंदी कविता Akhtar Ansari ki Selected Gazalसुनने वाले फ़साना तेरा है - अख़्तर अंसारीसुनने वाले फ़साना तेरा हैसिर्फ़ तर्ज़-ए-बयाँ ही मेरा हैयास की तीरगी ने घेरा हैहर तरफ़ हौल-नाक अँधेरा हैइस में कोई मेरा शरीक नहींमेरा दुख आह सिर्फ़ मेरा है Tags akhtar-ansarigazal Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने