कुँवर नारायण की कविता संग्रह: कोई दूसरा नहीं - भूल चूक लेनी देनी

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Apne Saamne - Kunwar Narayan

कुँवर नारायण की कविता संग्रह: कोई दूसरा नहीं - भूल चूक लेनी देनी

भूल चूक लेनी देनी
कहीं कुछ भूल हो-
कहीं कुछ चूक हो कुल लेनी देनी में
तो कभी भी इस तरफ़ आते जाते
अपना हिसाब कर लेना साफ़
ग़लती को कर देना मुआफ़
विश्वास बनाये रखना
कभी बन्द नहीं होंगे दुनिया में
ईमान के खाते।
 

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