Hindi Kavita
हिंदी कविता
हम मिडिल क्लास वाले हैं - सुव्रत शुक्ल | Hum Middle Class Wale Hai - Suvrat Shukla
जो काम असंभव हो सबको,
हम उसको करने वाले हैं।
भगवान हमारे साथ सदा,
चार अठन्नी गिने रुपए में,
हम हंसकर जीने वाले हैं।
सिल लेते कपड़े फटे स्वयं,
हम मिडिल क्लास वाले हैं।।
एक पैंट और एक शर्ट में,
संसार घूमने वाले हैं।
संघर्ष सिखाया जीवन ने,
हम मिडिल क्लास वाले हैं।।
रेसिंग बाइक, एयरोप्लेन के,
हम स्वप्न देखने वाले हैं।
पर चलते हैं साइकिल से ही,
हम मिडिल क्लास वाले हैं।।
हम प्यार भले कर लें जिससे,
न उसको पाने वाले हैं,
सामाजिक बेड़ियों में बंधे हुए,
हम मिडिल क्लास वाले हैं।
लड़के जाते, पढ़ते बाहर,
लड़कियां ब्याह दी जाती है।
लड़के खुल कर जी लेते पर,
लड़कियां जला दी जाती हैं।
शौक कब पूरे होंगे अपने ?
हम यही सोचने वाले हैं।
मर जाते सोच सोच कर ही ,
हम मिडिल क्लास वाले हैं।
हिम्मत ,जुर्रत हममे अथाह,
नींदों से लड़ने वाले हैं।
हम बदला करते अपनी क़िस्मत,
हम मिडिल क्लास वाले हैं।।
ज्यादा मेहनत, ऊंचे सपनो से
हम नहीं भागने वाले हैं।
सपनो में ही जीते हम सब,
हम मिडिल क्लास वाले हैं।।
- सुव्रत शुक्ल
Tags
