मेरी धूपों के सर को रिदा कौन दे - वसीम बरेलवी Meri Dhoopo Ke Sar Ko Rida Kaun De - Waseem Barelvi

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मेरी धूपों के सर को रिदा कौन दे - वसीम बरेलवी
Meri Dhoopo Ke Sar Ko Rida Kaun De - Waseem Barelvi


मेरी धूपों के सर को रिदा कौन दे
नींद में यह मुझे फूल सा कौन दे

खुद चलो, तो चलो, आसरा कौन दे
भीड़ के दौर में रास्ता कौन दे

ज़ुल्म किसने किया कौन मज़लूम था
सबको मालूम है फिर बता कौन दे
Wasim-Barelvi
यह ज़माना अकेले मुसाफ़िर का है
इस ज़माने को फिर रहनुमा कौन दे

दिल सभी का दुखा है,मगर ऐ 'वसीम'
देखना है उसे बद्दुआ कौन दे।

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